Amitabh Bachchan Personality Rights Case: दिल्ली HC ने बिना अनुमति नाम, तस्वीर और आवाज के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाई
दिल्ली हाई कोर्ट के 5 नवंबर 2026 के आदेश में अमिताभ बच्चन की पहचान के बिना अनुमति व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है।
अपडेट: 7 नवंबर 2026, 11:11 IST
अभिनेता अमिताभ बच्चन को अपने नाम, तस्वीर, आवाज और पहचान के व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। अदालत ने 5 नवंबर 2026 को पारित डिक्री के जरिए कई प्रतिवादियों को बिना अनुमति बच्चन की पहचान का व्यावसायिक लाभ उठाने से रोका। आदेश में अज्ञात व्यक्तियों या संस्थाओं के जरिए होने वाले कथित दुरुपयोग को भी ध्यान में रखा गया है।
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश में क्या कहा गया?
न्यायमूर्ति पुरूषैन्द्र कुमार कौरव ने अमिताभ बच्चन के नाम, फोटो, आवाज, likeness और व्यक्तित्व के अन्य पहलुओं के अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने वाली डिक्री पारित की। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ प्रतिवादियों ने समझौते के तहत भविष्य में बिना स्पष्ट अनुमति उनकी पहचान का इस्तेमाल न करने पर सहमति दी थी। जिन अन्य प्रतिवादियों ने मुकदमे में जवाब दाखिल नहीं किया, उनके विरुद्ध भी अदालत ने आदेश दिया।
मामले में किन तरह के इस्तेमाल का उल्लेख हुआ?
मुकदमे में कथित तौर पर ऐसे मोबाइल ऐप, फर्जी लॉटरी संदेश, क्विज बुक, पोस्टर, टी-शर्ट और वेबसाइटों का उल्लेख किया गया जिनमें अभिनेता का नाम या तस्वीर इस्तेमाल होने से लोगों को किसी उत्पाद या सेवा के समर्थन का भ्रम हो सकता था। यह विवरण मुकदमे में उठाए गए उदाहरणों पर आधारित है; हर ऑनलाइन सामग्री के बारे में अलग-अलग कानूनी स्थिति हो सकती है।
अज्ञात पक्षों पर भी लागू होगी सुरक्षा
अदालत ने यह भी माना कि इंटरनेट पर पहचान छिपाकर काम करने वाले पक्षों के जरिए भी दुरुपयोग हो सकता है। इसलिए आदेश का दायरा अज्ञात पक्षों तक बढ़ाया गया है। इससे अभिनेता को भविष्य में नए कारण-ए-मुकदमे पर अलग कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार भी सुरक्षित रहता है।
फैसले का महत्व
यह मामला बताता है कि किसी प्रसिद्ध कलाकार की लोकप्रियता का इस्तेमाल कर नकली समर्थन, प्रचार या बिक्री करना कानूनी विवाद खड़ा कर सकता है। आदेश का केंद्र बिना अनुमति पहचान का व्यावसायिक दोहन है; इसे हर तरह की पत्रकारिता, समीक्षा या वैध संदर्भ के लिए सामान्य प्रतिबंध नहीं समझना चाहिए।
स्रोत और संदर्भ
- The Times of India: दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश
- LawChakra: Amitabh Bachchan v. Rajat Nagi & Ors. केस का विवरण
Featured image: प्रतीकात्मक न्यायालय की तस्वीर; फोटो: Sasun Bughdaryan / Unsplash। यह तस्वीर किसी अभिनेता या वास्तविक अदालती कार्यवाही को नहीं दर्शाती।
