दर्द की दवा और एंटीबायोटिक से किडनी को खतरा? CDSCO की सलाह, लक्षण और बचाव
CDSCO की हालिया सलाह के बाद जानिए दर्द निवारक दवाओं और एंटीबायोटिक के गलत इस्तेमाल से किडनी पर क्या असर पड़ सकता है, किन लोगों को अधिक सावधानी रखनी चाहिए और बचाव कैसे करें।
अपडेट: 25 अक्टूबर 2026 — दर्द, बुखार या शरीर में अकड़न होने पर कई लोग बिना सलाह बार-बार दर्द निवारक दवा ले लेते हैं। इसी तरह पहले बची हुई एंटीबायोटिक दोबारा इस्तेमाल करना भी आम गलती है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत के औषधि नियामक CDSCO ने कुछ दर्द निवारक दवाओं (NSAIDs) और एंटीबायोटिक के जिम्मेदार इस्तेमाल पर जोर दिया है। उद्देश्य जरूरी दवाओं से डराना नहीं, बल्कि गलत मात्रा, गलत अवधि और बिना चिकित्सकीय निगरानी के सेवन से होने वाले जोखिम कम करना है।
दर्द निवारक दवाएं किडनी को कैसे प्रभावित कर सकती हैं?
Ibuprofen और diclofenac जैसी कुछ NSAID दवाएं किडनी तक रक्त पहुंचने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। अधिक मात्रा में, लंबे समय तक या निर्जलीकरण के दौरान इनका इस्तेमाल कुछ लोगों में किडनी की कार्यक्षमता बिगाड़ सकता है। पहले से किडनी रोग, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, अधिक उम्र या शरीर में पानी की कमी वाले लोगों को विशेष सावधानी की जरूरत हो सकती है। जोखिम हर व्यक्ति में समान नहीं होता; दवा, खुराक, अवधि और स्वास्थ्य इतिहास मायने रखते हैं।
क्या एंटीबायोटिक भी नुकसान पहुंचा सकती है?
एंटीबायोटिक बैक्टीरिया से होने वाले कुछ संक्रमणों के लिए उपयोगी हैं, लेकिन हर बुखार या सर्दी-जुकाम में इनकी जरूरत नहीं होती। कुछ एंटीबायोटिक किडनी पर असर डाल सकती हैं या किडनी की स्थिति के अनुसार खुराक बदलनी पड़ सकती है। बिना जरूरत एंटीबायोटिक लेने से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस का खतरा भी बढ़ता है, जिससे भविष्य में संक्रमण का इलाज कठिन हो सकता है।
किसे ज्यादा सतर्क रहना चाहिए?
- पहले से किडनी रोग या पेशाब में प्रोटीन की समस्या वाले लोग।
- मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग से पीड़ित लोग।
- बुजुर्ग, उल्टी-दस्त या तेज बुखार के कारण पानी की कमी वाले व्यक्ति।
- एक साथ कई दवाएं लेने वाले मरीज।
दवाओं का सुरक्षित इस्तेमाल कैसे करें?
- दर्द निवारक या एंटीबायोटिक डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें।
- बची हुई एंटीबायोटिक किसी नए संक्रमण में खुद से शुरू न करें।
- एक ही सक्रिय घटक वाली दो दवाएं साथ लेने से बचें; पैक पर composition पढ़ें।
- डॉक्टर को सभी दवाओं, सप्लीमेंट और पहले से मौजूद बीमारी की जानकारी दें।
- यदि आपको किडनी रोग का जोखिम है तो डॉक्टर से creatinine/eGFR और पेशाब की जांच की जरूरत पूछें।
किडनी की समस्या के कौन से संकेत हो सकते हैं?
किडनी की परेशानी शुरुआती चरण में बिना लक्षण भी हो सकती है। पैरों या चेहरे पर सूजन, पेशाब में बदलाव, असामान्य थकान या सांस फूलना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। ये लक्षण अन्य कारणों से भी हो सकते हैं, इसलिए जांच जरूरी है। पेशाब बहुत कम हो जाना, गंभीर सांस की तकलीफ या तेजी से बढ़ती सूजन हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
निष्कर्ष
सही दवा सही कारण, खुराक और अवधि के लिए लेने पर उपचार का लाभ मिलता है। दर्द निवारक और एंटीबायोटिक को अपने आप पूरी तरह बंद करना भी सही तरीका नहीं है—अपने डॉक्टर से जोखिम और विकल्प पर बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कभी-कभी दर्द की दवा लेना भी खतरनाक है?
हर व्यक्ति में ऐसा नहीं होता। जोखिम दवा, खुराक, अवधि, पानी की कमी और पहले से मौजूद बीमारी पर निर्भर करता है। संदेह हो तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें।
क्या एंटीबायोटिक वायरल बुखार में काम करती है?
एंटीबायोटिक बैक्टीरियल संक्रमण के लिए होती हैं; वायरल बीमारी में वे सामान्यतः लाभ नहीं देतीं। डॉक्टर की जांच के बिना शुरू न करें।
स्रोत: Akashvani News – CDSCO की दवा-सुरक्षा सलाह; Financial Express – दवाओं और किडनी जोखिम पर रिपोर्ट.
डिस्क्लेमर: यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह नहीं। दवा में बदलाव करने से पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श लें।
