UPI पर चार्ज अगले साल तक टल सकता है:दावा- फेस्टिव सीजन में UPI पेमेंट फ्री रहेगा, 15 अक्टूबर से लागू होना था 0.4% चार्ज का नियम

0
UPI पर चार्ज

UPI पर चार्ज अगले साल तक टल सकता है:

दावा- फेस्टिव सीजन में UPI पेमेंट फ्री रहेगा,

15 अक्टूबर से लागू होना था 0.4% चार्ज का नियम

पेटीएम और मोबिक्विक जैसी कंपनियों के शेयर गिरे

UPI पर मर्चेंट चार्ज टलने की खबर का सीधा असर शेयर बाजार में लिस्टेड फिनटेक कंपनियों के शेयरों पर देखा।

1. पेटीएम में बड़ी गिरावट

ट्रेडिंग के दौरान पेटीएम का शेयर एक वक्त 10% तक टूटकर ₹1,561 के निचले स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, बाजार बंद होते-होते इसमें थोड़ा सुधार हुआ और यह 5.42% की गिरावट के साथ ₹1,640 पर बंद हुआ।

2. मोबिक्विक, पाइन लैब्स और अन्य फिनटेक शेयर भी गिरे

  • मोबिक्विक: दिन के कारोबार में इसका शेयर 8.43% गिरकर ₹235 तक चला गया था, लेकिन मार्केट क्लोज होने पर 4.57% की टूट के साथ ₹245 पर बंद हुआ।
  • पाइन लैब्स: शेयर ₹169 के निचले स्तर को छूने के बाद 4.39% की गिरावट लेकर ₹170 पर बंद हुआ।
  • NPST: इस कंपनी का शेयर भी 3.39% गिरकर ₹1,791.30 पर बंद हुआ।

UPI MDR चार्ज के नए नियम और व्यापारियों पर असर

  • बड़े व्यापारियों पर 0.4% चार्ज: महीने में ₹1 लाख से ज्यादा कमाने वाले व्यापारियों को ₹2,000 से ज्यादा के हर पेमेंट लेने पर 0.4% MDR+GST देना होगा। GST, MDR चार्ज का 18% लगेगा।
  • छोटे व्यापारियों को राहत: जिन व्यापारियों की महीने में UPI से कुल कमाई ₹1 लाख तक है, उन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा, चाहे ट्रांजैक्शन ₹2,000 से ज्यादा ही क्यों न हो।
  • कैटेगरी बदलने का नियम: अगर कोई छोटा दुकानदार लगातार 3 महीने तक ₹1 लाख से ज्यादा UPI कलेक्शन लेता है, तो बैंक उसे ऑटोमेटिक ‘बड़े मर्चेंट’ (पर्सन-टू-मर्चेंट) की कैटेगरी में शिफ्ट कर देंगे। फिर उसे भी चार्ज देना होगा।
  • ₹2,000 तक की बिक्री फ्री: बड़े व्यापारियों को भी ₹2,000 या उससे कम के छोटे पेमेंट्स पर कोई फीस नहीं देनी होगी।
  • मैक्सिमम चार्ज की लिमिट: ₹75,000 या उससे बड़े ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट से मैक्सिमम ₹300+GST ही चार्ज लिया जाएगा।
  • लिमिट हर ट्रांजैक्शन पर लागू: ₹2,000 की लिमिट पूरे दिन की कुल बिक्री पर नहीं, बल्कि हर एक पेमेंट पर देखी जाएगी।
  • खास सेक्टर्स के लिए सिर्फ ₹5 की फ्लैट फीस: पेट्रोल पंप, रेलवे, बिल पेमेंट, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और एजुकेशन से जुड़े व्यापारियों को ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर 0.40% के बजाय फ्लैट ₹5 देना होगा।
  • कार्ड के मुकाबले फिर भी सस्ता: क्रेडिट कार्ड (1.5%-2.5%) और डेबिट कार्ड (0.90% तक) के मुकाबले UPI पर MDR चार्ज काफी कम है।

Leave a Reply